भारतीय रेलवे अपनी पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल बनाने के लिए बड़े बदलाव कर रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इस सुधार प्रक्रिया की समीक्षा की और यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए चरणबद्ध कार्यान्वयन का निर्देश दिया।
अब आठ घंटे पहले बनेगा आरक्षण चार्ट
अभी तक ट्रेन प्रस्थान से चार घंटे पहले चार्ट तैयार किया जाता था, जिससे यात्रियों में अनिश्चितता बनी रहती थी। अब यह चार्ट आठ घंटे पहले बनाया जाएगा।
रात 9 बजे तक अगले दिन की सुबह 11 बजे से पहले चलने वाली ट्रेनों के चार्ट तैयार हो जाएंगे।
इससे प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।
लंबी दूरी के यात्रियों को मिलेगा लाभ
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह बदलाव विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों या शहरों के उपनगरों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा। उन्हें ट्रेन पकड़ने से पहले सीट स्थिति की जानकारी पहले मिल जाएगी।
नई पीआरएस प्रणाली होगी ज्यादा सक्षम
भारतीय रेलवे की उन्नत पीआरएस प्रणाली में अब:
प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट तक बुक करने की क्षमता होगी।
यह वर्तमान क्षमता (32,000 प्रति मिनट) से लगभग 5 गुना अधिक है।
नई प्रणाली बहुभाषी, यूज़र फ्रेंडली और बेहतर बुकिंग/पूछताछ अनुभव प्रदान करेगी।
सुविधाजनक फीचर्स होंगे शामिल
यात्री अपनी पसंद की सीट दर्ज कर सकेंगे।
किराया सूची और श्रेणीवार विवरण देख सकेंगे।
दिव्यांगजनों, छात्रों और मरीजों के लिए भी एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
तत्काल टिकट बुकिंग में ओटीपी प्रमाणीकरण
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए:
केवल प्रमाणित उपयोगकर्ताओं को ही आईआरसीटीसी वेबसाइट और ऐप पर बुकिंग की अनुमति होगी।
जुलाई के अंत तक यह प्रणाली ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण से और भी सुरक्षित बनाई जाएगी।
रेल मंत्री ने इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था से क्या होंगे फायदे?
यात्रियों को प्रतीक्षा सूची की स्थिति की जानकारी समय रहते मिलेगी।
अधिक समय मिलने से यात्रा की वैकल्पिक योजना बनाना आसान होगा।
फास्ट बुकिंग, बेहतर पारदर्शिता और सुलभ जानकारी से यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।