नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) : हर साल दिवाली के दो दिनों के बाद, हम भाई दूज का उत्सव मनाते हैं, जो रक्षाबंधन की तरह ही महत्वपूर्ण है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना करती हैं और सभी नियमों का पालन करती हैं, इसके साथ ही इसे ‘यम द्वितीया’ भी कहा जाता है।
इस दिन बहनें रोली और अक्षत से भाई का टीका करती हैं। उसके बाद उसे सूखा नारियल भी देती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन यदि विधि-विधान से पूजा की जाए, तो भाई-बहनों के ऊपर से अकाल मृत्यु का संकट टल जाता है। इस दौरान बहनों को भाई का तिलक करते समय शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही कई अन्य नियमों पर भी ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में।
कब है भाई दूज 2023?
इस साल कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत 14 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 15 नवंबर 2023 को दोपहर 01 बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल भाई दूज का पर्व 14 नवंबर को मनाया जाएगा। वहीं हिंदू धर्म में ज्यादातर उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए कुछ लोग 15 नवंबर को भी भाई दूज मनाएंगे।
इस साल कार्तिक माह के शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत 14 नवंबर 2023 को दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 15 नवंबर 2023 को दोपहर 01 बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल भाई दूज का पर्व 14 नवंबर को मनाया जाएगा। वहीं हिंदू धर्म में ज्यादातर उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए कुछ लोग 15 नवंबर को भी भाई दूज मनाएंगे।
भाई दूज 2023 तिलक मुहूर्त क्या है?
भाई दूज के दिन तिलक मुहूर्त का विशेष महत्व है। इस साल जो बहनें 14 नवंबर को भाई दूज मनाएंगी, वे दोपहर 01:10 बजे से 03:19 बजे के बीच अपने भाई को तिलक लगा सकती हैं। वहीं जो बहनें 15 नवंबर को भाई दूज मनाएंगी, वो सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12:00 बजे तक के बीच में तिलक कर सकती है।
भाई दूज के दिन तिलक मुहूर्त का विशेष महत्व है। इस साल जो बहनें 14 नवंबर को भाई दूज मनाएंगी, वे दोपहर 01:10 बजे से 03:19 बजे के बीच अपने भाई को तिलक लगा सकती हैं। वहीं जो बहनें 15 नवंबर को भाई दूज मनाएंगी, वो सुबह 10 बजकर 40 मिनट से दोपहर 12:00 बजे तक के बीच में तिलक कर सकती है।
इस दिशा में हो भाई का मुंह
भाई दूज के दिन बहनें तिलक करते समय सही दिशा में बैठे। इस दौरान भाई का मुंह उत्तर या उत्तर-पश्चिम में से किसी एक दिशा में होना चाहिए और बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व में होना चाहिए।
भाई दूज के दिन बहनें तिलक करते समय सही दिशा में बैठे। इस दौरान भाई का मुंह उत्तर या उत्तर-पश्चिम में से किसी एक दिशा में होना चाहिए और बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व में होना चाहिए।
तिलक करने की विधि
भाई दूज के शुभ दिन पर सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। उसके बाद तिलक करने से पहले थाली में रोली, अक्षत और गोला और मिठाई रख लें। फिर मुहूर्त के अनुसार, भाई का तिलक करें। बाद में उसे गोला भी दें। इस दौरान अपने भाई को मनपसंद का भोजन करवाएं। बाद में भाई अपनी बहन से आशीर्वाद लें और उन्हें भेंट दें।
भाई दूज के शुभ दिन पर सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए। उसके बाद तिलक करने से पहले थाली में रोली, अक्षत और गोला और मिठाई रख लें। फिर मुहूर्त के अनुसार, भाई का तिलक करें। बाद में उसे गोला भी दें। इस दौरान अपने भाई को मनपसंद का भोजन करवाएं। बाद में भाई अपनी बहन से आशीर्वाद लें और उन्हें भेंट दें।
भूलकर भी भाई-बहन न करें ये काम
- भाई दूज के दिन किसी भी समय तिलक न करें।
- इस दिन भाई और बहन दोनों ही काले रंग के वस्त्र न पहनें
- भाई को तिलक करने तक बहनों को निर्जला ही रहना चाहिए।
- भाई दूज के दिन भाई-बहन को एक-दूसरे से झूठ नहीं बोलना चाहिए।
- इस दिन मांस का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से यम के क्रोध का सामना करना पड़ सकता है।