अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी पर कब्जे का ऐलान करते ही नए वैश्विक तनाव को जन्म दिया। इस दौरान आतंकी संगठन हमास ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए पाकिस्तान के आतंकियों से हाथ मिला लिया। यह गठबंधन भारत की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरा है।
हमास और पाक आतंकी संगठन का गठबंधन
हमास ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मौजूद आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर भारत के खिलाफ खुला मोर्चा खोलने की घोषणा की है। पीओके में आयोजित एक सभा में हमास और पाकिस्तानी आतंकियों ने मिलकर अमेरिका, इज़राइल और भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए।
पाकिस्तानी आतंकियों ने मंच से कहा, “हम पीएम मोदी और अमित शाह को बताना चाहते हैं कि हमास और कश्मीर के मुजाहिद्दीन अब एक हो गए हैं। हम कश्मीर को आजाद करवाकर रहेंगे।”
इस दौरान हमास के नेता इन धमकियों को सुनते हुए शांत और संतुष्ट नजर आए, जबकि उनकी सुरक्षा जैश-ए-मोहम्मद के गनमैन संभाल रहे थे।
खतरा: पीओके में शिफ्ट हो सकता है हमास
अमेरिका द्वारा गाजा में सेना भेजने की तैयारी के बीच एक और चिंता उभर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हमास अपने कुछ ठिकानों और कैंपों को पीओके में शिफ्ट कर सकता है। हमास का नेटवर्क पाकिस्तान के आतंकियों के नेटवर्क से भी बड़ा बताया जाता है, और इस गठबंधन से भारत के लिए नई सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
ट्रंप का गाजा पट्टी पर कब्जे का ऐलान
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी पर अमेरिका का नियंत्रण स्थापित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा, “गाजा में फिलिस्तीनियों का कोई भविष्य नहीं है। उन्हें कहीं और चले जाना चाहिए।”
इस बयान ने न केवल 18 लाख फिलिस्तीनियों को झकझोर दिया, बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मचा दी। ट्रंप का यह बयान सुनकर वहां मौजूद पत्रकार हैरान रह गए। जब उनसे पूछा गया कि “गाजा तो फिलिस्तीनियों का घर है, आप यह कैसे कर सकते हैं?” तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “फिलहाल गाजा पर अमेरिका का अधिकार होगा।”
भारत के लिए नई चुनौती
हमास और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का यह गठबंधन भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। गाजा में अमेरिकी कदम और हमास का पीओके में सक्रिय होना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में भारत को सीमा पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। भारत के कूटनीतिक और सुरक्षा तंत्र के लिए यह एक गंभीर और तात्कालिक कार्रवाई की मांग करता है।