NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

“बांग्लादेशी रिटायर्ड मेजर की भारत को धमकी: पाकिस्तान पर हमला हुआ तो पूर्वोत्तर पर कब्जा करेंगे”

Share This Post

भारत को अब केवल पाकिस्तान से नहीं, बल्कि बांग्लादेश से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। जहां पाकिस्तान आतंकवाद फैलाने से बाज़ नहीं आ रहा, वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख और उनके करीबी अधिकारी भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर अनर्गल बयान दे रहे हैं।

पूर्व बांग्लादेशी सैन्य अधिकारी की भारत को धमकी

हाल ही में सेवानिवृत्त मेजर जनरल ए.एल.एम. फजलुर रहमान ने एक भड़काऊ बयान में कहा कि अगर भारत, पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो बांग्लादेश को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर कब्जा कर लेना चाहिए। यह बयान उन्होंने 29 अप्रैल को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। रहमान पहले बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (पूर्व में बांग्लादेश राइफल्स) के प्रमुख रह चुके हैं।

चीन के साथ सैन्य गठजोड़ का भी दिया सुझाव

रहमान ने बांग्लादेश को चीन के साथ “संयुक्त सैन्य प्रणाली” पर चर्चा करने का भी सुझाव दिया। यह बयान उस समय आया जब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस ने चीन में भारत के पूर्वोत्तर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

बांग्लादेश सरकार ने बयान से पल्ला झाड़ा

बांग्लादेश के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने साफ किया कि रहमान के विचार व्यक्तिगत हैं और सरकार की आधिकारिक नीति से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है और ऐसी टिप्पणियों से खुद को अलग रखता है।

भारत में प्रतिक्रिया: हिमंता बिस्व सरमा की तीखी टिप्पणी

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बांग्लादेश को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ-साथ बांग्लादेश के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह के फैसले रणनीतिक स्तर पर केंद्र सरकार को ही लेने हैं।

सीमा पर हाई अलर्ट, बीएसएफ पूरी तरह सतर्क

बांग्लादेश से किसी भी घुसपैठ की आशंका को देखते हुए बीएसएफ हाई अलर्ट पर है। मेघालय सीमांत के महानिरीक्षक ओपी उपाध्याय ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद सीमा पर चौकसी और भी बढ़ा दी गई है। जवान पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ तैनात हैं।

भारत का संदेश साफ: संयम को कमजोरी न समझें

भारत के विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश को यह नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में भारत ने ही उसे आज़ादी दिलाई थी। अगर भारत एक देश का गठन कर सकता है, तो अपनी सुरक्षा और अखंडता की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *