मुख्यमंत्री आतिशी ने आनंद विहार और अप्सरा बॉर्डर को जोड़ने वाले 2.2 किलोमीटर लंबे छह लेन फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। इस फ्लाईओवर की मदद से प्रतिदिन करीब 1.5 लाख वाहनों को यातायात में सहूलियत मिलेगी। परियोजना को 372 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के बजाय 347 करोड़ रुपये में पूरा किया गया, जिससे 25 करोड़ रुपये की बचत हुई।
ट्रैफिक से राहत
यह फ्लाईओवर तीन प्रमुख लाल सिग्नलों – रामप्रस्थ कॉलोनी, विवेक विहार और श्रेष्ठ विहार – को बायपास करता है। इससे इन इलाकों में यातायात जाम से राहत मिलेगी।
फ्लाईओवर के फायदे
आतिशी ने फ्लाईओवर की उपयोगिता बताते हुए कहा:
1.5 लाख वाहन रोज़ाना इसका इस्तेमाल करेंगे।
12 मिनट प्रति वाहन का समय बचेगा।
40,000 लीटर से अधिक पेट्रोल-डीजल की बचत होगी।
ट्रैफिक कम होने से प्रदूषण घटेगा।
लोग ट्रैफिक में समय गंवाने के बजाय अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे।
दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
AAP सरकार के प्रयासों से दिल्ली में यातायात की स्थिति में सुधार हुआ है। 2014-15 में दिल्ली दुनिया का चौथा सबसे भीड़भाड़ वाला शहर था, लेकिन अब यह 44वें स्थान पर है।
38वीं बड़ी परियोजना
आनंद विहार फ्लाईओवर आप सरकार की 38वीं बुनियादी ढांचा परियोजना है, जिसमें फ्लाईओवर, अंडरपास और एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। आतिशी ने इसे “दिल्ली की तरक्की का नया आयाम” करार दिया।
यह फ्लाईओवर न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान करेगा, बल्कि ईंधन और समय की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगा।