असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित किए जाने के एक सप्ताह के भीतर ही उसे देश से वापस भेज दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 2000 अवैध विदेशियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी है। अब किसी को भी विदेशी घोषित होते ही अधिकतम सात दिन में वापस भेजा जाएगा।”
अवैध अप्रवासियों पर ‘नो-कॉम्प्रोमाइज’ नीति
असम में विदेशी न्यायाधिकरण अवैध अप्रवासियों और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है। इसी नीति के तहत मुख्यमंत्री सरमा ने 25 दिसंबर को स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार अवैध अप्रवासियों के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, वहां तत्काल निष्कासन आदेश जारी किए जाएं।
कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार: CM सरमा
मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति की सराहना करते हुए कहा कि अपराध के मामलों में लगातार गिरावट आई है और दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के अनुसार, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में असम देश में पहले स्थान पर है।
अपराध के आंकड़ों में भारी गिरावट
वर्ष 2021 में दर्ज मामले: 1.33 लाख
वर्ष 2025 में दर्ज मामले: 43,748
आरोपपत्र दाखिल करने में 81% की वृद्धि
दोषसिद्धि दर 2021 में 6%, जो अब बढ़कर 26.38% हो गई है
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लेकर बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में असम में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेज़ी से काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी पर चार नए पुल निर्माणाधीन हैं और फरवरी में गुवाहाटी–उत्तर गुवाहाटी पुल का उद्घाटन किया जाएगा।
काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और रेलवे परियोजना
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
17 या 18 जनवरी को लगभग 6957 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 32 किलोमीटर लंबे काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखेंगे।
फरवरी में गेलेफू रेलवे लाइन परियोजना की भी शुरुआत की जाएगी।