राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 22वें बीएसएफ अलंकरण समारोह और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत आतंकवाद का शिकार रहा है, और पहले पाकिस्तान के हमलों का उचित जवाब नहीं मिला।
मोदी सरकार में बदला जवाब देने का तरीका
अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीति में बड़ा बदलाव आया।
उरी हमले के बाद भारत ने पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की।
पुलवामा हमले के बाद वायुसेना ने एयरस्ट्राइक कर दुश्मनों को सबक सिखाया।
अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत दुश्मन के आतंकी ठिकानों को खत्म किया गया।
बीएसएफ को सौंपी गई सबसे कठिन सीमाओं की जिम्मेदारी
गृह मंत्री ने कहा कि जब तय हुआ कि एक सीमा की सुरक्षा एक बल करेगा, तो बीएसएफ को बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी दो सबसे चुनौतीपूर्ण सीमाओं की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा, “आपकी क्षमताओं के कारण ये सीमाएं आज पूरी तरह सुरक्षित हैं।”
पहलगाम हमले का मिला करारा जवाब
शाह ने कहा कि पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा था कि इसका जवाब दिया जाएगा — और वह दुनिया ने देख लिया। उन्होंने कहा, “आज पूरी दुनिया भारतीय सेना की क्षमता और निर्णायक कार्रवाई की सराहना कर रही है।”