देश में तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चार महत्वपूर्ण एप्लिकेशन- ई-साक्ष्य, न्याय सेतु, न्याय श्रुति, और ई-समन लॉन्च किए हैं। यह एप्लिकेशन 4 अगस्त, 2024 को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में पेश किए गए। इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक, केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी मौजूद थे। अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह से लागू होने के तीन साल के भीतर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है।
ई-साक्ष्य: इस एप्लिकेशन के माध्यम से सभी गवाहियों, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी को ई-साक्ष्य सर्वर पर सहेजा जाएगा। यह सभी अदालतों के लिए वास्तविक समय पर उपलब्ध होगा।
ई-समन: यह ऐप अदालतों को पुलिस स्टेशनों और संबंधित व्यक्तियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से समन भेजने की सुविधा प्रदान करेगा।
न्याय सेतु: इस डैशबोर्ड के माध्यम से पुलिस, चिकित्सा, फोरेंसिक, अभियोजन और जेल अधिकारियों को जोड़ा जाएगा। यह पुलिस को वास्तविक समय में जांच से संबंधित सभी जानकारी प्रदान करेगा।
न्याय श्रुति: इस ऐप के जरिए अदालत गवाहों को वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनने में सक्षम होगी।
इन नए कानूनों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता 1860 को भारतीय न्याय संहिता (2023) द्वारा, दंड प्रक्रिया संहिता (1973) को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (2023) द्वारा, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) को भारतीय साक्ष्य अधिनियम (2023) द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा। ये कानून 1 जुलाई, 2024 से देशभर में लागू होंगे और सात साल की अनिवार्य न्यूनतम सजा वाले आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच की आवश्यकता होगी।