रविवार को ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने अपने तीन प्रमुख परमाणु स्थलों पर हमलों की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्र के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की कोई साजिश सफल नहीं होगी।
ईरानी संगठन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि देश के हजारों वैज्ञानिकों के प्रयास और बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
अमेरिकी हमलों की पुष्टि, नुकसान का खुलासा नहीं
ईरान की ओर से जारी बयान में यह भी बताया गया कि अमेरिका ने फोर्डो, इस्फ़हान और नतांज़ स्थित परमाणु स्थलों पर हमला किया था।
हालांकि, इन हमलों में कितना नुकसान हुआ, इस पर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
“शहीदों के खून से बना है यह उद्योग”
ईरानी संगठन ने बयान में कहा:”दुश्मनों की दुष्ट साजिशों के बावजूद, परमाणु शहीदों के खून और वैज्ञानिकों की मेहनत से बना यह राष्ट्रीय उद्योग रुकने वाला नहीं है।”
ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत में स्पष्ट कहा कि:”ज़ायोनी शासन (इज़राइल) की आक्रामकता जारी रही तो ईरान की प्रतिक्रिया और भी विनाशकारी होगी।”
हमले के स्थान और प्रतिक्रिया
कोम प्रांत से जारी एक बयान में बताया गया कि फोर्डो परमाणु केंद्र के एक हिस्से पर हमला किया गया।
इस्फ़हान के उप-गवर्नर अकबर सालेही ने भी पुष्टि की कि हमले परमाणु केंद्रों के आसपास हुए।
अर्द्ध-सरकारी एजेंसी तस्नीम ने बताया कि ईरानी हवाई सुरक्षा ने दुश्मन के लक्ष्यों को जवाबी कार्रवाई में निशाना बनाया।