महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही रणनीतिक बढ़त बनाने में जुटे हैं। इस कड़ी में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर एनसीपी (अजित पवार गुट) की चुनावी तैयारी का संकेत दिया है। वहीं शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने ‘मुंबई मॉडल’ बुकलेट जारी कर अपने शासनकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा है।
एनसीपी अकेले मैदान में उतरेगी
अजित पवार की एनसीपी ने बीएमसी चुनाव में अकेले मैदान में उतरने का फैसला किया है। पहली लिस्ट में कुल 37 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। संगठनात्मक संतुलन, स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी गई है।
नवाब मलिक परिवार से तीन उम्मीदवार
एनसीपी ने नवाब मलिक परिवार के तीन सदस्यों को टिकट दिया है:
कप्तान मलिक (पूर्व नगरसेवक, प्रभाग 165)
डॉ. सईदा खान (पूर्व नगरसेवक, प्रभाग 168)
बुशरा नदीम मलिक (प्रभाग 170, पहली बार मैदान में)
एनसीपी ने कुल 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी की है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने नवाब मलिक और विधायक सना मलिक को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी है।
शिवसेना का ‘मुंबई मॉडल’ बुकलेट
बीएमसी चुनाव से पहले शिवसेना भवन में ‘मुंबई मॉडल’ बुकलेट का विमोचन किया गया। बुकलेट में कोविड काल में उद्धव ठाकरे के किए गए कामों का विस्तृत विवरण है। सांसद अनिल देसाई ने कार्यकर्ताओं को जनता तक इस जानकारी पहुँचाने का आह्वान किया।
उद्धव ठाकरे ने कहा:
“हमें मुंबई को बीजेपी से बचाना है, जिसके लिए कुछ कुर्बानी देनी होगी। गठबंधन में सब कुछ योजना के अनुसार नहीं होता, कभी-कभी कुछ देना और लेना पड़ता है।”
चुनावी रणभूमि का महत्व
बीएमसी चुनाव केवल स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं है, बल्कि मुंबई की सियासी दिशा तय करने वाला बड़ा मुकाबला बन गया है। एनसीपी और शिवसेना दोनों ही अपनी रणनीतियों और संदेशों के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश में हैं।