एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 क्रैश मामले की जांच अब एक नए विवाद में घिर गई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा दिवंगत कैप्टन सुमीत सभरवाल के भतीजे कैप्टन वरुण आनंद को समन भेजे जाने पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने कड़ी नाराजगी जताई है।
कैप्टन वरुण आनंद को समन का विरोध
FIP ने AAIB द्वारा कैप्टन वरुण आनंद को जांच के सिलसिले में बुलाए जाने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संगठन का कहना है कि कैप्टन आनंद का इस दुर्घटना से कोई प्रत्यक्ष या तकनीकी संबंध नहीं है, इसके बावजूद उन्हें समन भेजना अनुचित है।
AAIB को भेजा गया कानूनी नोटिस
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने इस मामले में AAIB को औपचारिक कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में इस कदम को “पूरी तरह से अनुचित” बताते हुए इसे उत्पीड़न की श्रेणी में रखा गया है।
FIP के अनुसार, समन नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कैप्टन आनंद को किस कानूनी आधार पर, किस उद्देश्य से और किस भूमिका में पेश होने के लिए बुलाया गया है।
बिना स्पष्ट कारण के बुलाने पर आपत्ति
FIP ने बताया कि कैप्टन वरुण आनंद, जो एयर इंडिया के सेवारत पायलट और संगठन के सदस्य हैं, उन्हें उनके नियोक्ता के माध्यम से 15 जनवरी को पेश होने की सूचना दी गई।
संघ ने कहा कि बिना पर्याप्त जानकारी और नोटिस के किसी पायलट को बुलाना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे उनके पेशेवर करियर और प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ सकता है।
FIP का आरोप: यह मानसिक उत्पीड़न
पायलटों के सबसे बड़े संगठन FIP ने AAIB के इस कदम को मानसिक उत्पीड़न करार दिया है। संगठन का तर्क है कि कैप्टन आनंद को केवल पारिवारिक रिश्ते के कारण जांच में घसीटना गलत है, खासकर तब जब उनका इस हादसे से कोई सीधा संबंध नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सहयोग को तैयार
हालांकि, विवाद के बीच कैप्टन वरुण आनंद ने स्पष्ट किया है कि वे जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने को राजी हैं।