अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे के एक महीने बाद, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एयर इंडिया की उड़ान AI-171 के दोनों इंजनों को ईंधन पहुंचाने वाले स्विच अचानक बंद हो गए, जिससे पायलट भ्रमित हो गए और कुछ ही सेकंड में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कैसे हुआ हादसा? शुरुआती रिपोर्ट के अहम बिंदु
उड़ान का समय: विमान ने दोपहर 1:38:39 पर उड़ान भरी।
गति: 180 नॉट्स की रफ्तार पर दोनों इंजन के ईंधन कट-ऑफ स्विच ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ हो गए।
आपातकालीन कॉल: 1:39:05 पर पायलट ने ‘मेडे’ कॉल दिया।
कॉकपिट बातचीत: एक पायलट ने दूसरे से पूछा कि ईंधन क्यों बंद किया, जवाब मिला – “मैंने नहीं किया।”
विशेषज्ञों ने रिपोर्ट पर उठाए सवाल
विमानन विशेषज्ञों ने AAIB की इस शुरुआती रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं और इसे अधूरा और भ्रमित करने वाला बताया है।
पूर्व वायुसेना निदेशक की तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय वायुसेना के पूर्व निदेशक संजीव कपूर ने इस रिपोर्ट को “अधूरी और असंगत” करार दिया।
उनका कहना है:”कोई भी प्रशिक्षित पायलट उड़ान भरने के तुरंत बाद ईंधन बंद नहीं करेगा। यह रिपोर्ट तकनीकी तथ्यों से ज्यादा अटकलों पर आधारित लगती है।”उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि रिपोर्ट आने में 20 दिन लग गए, जबकि कॉकपिट डेटा पहले ही डाउनलोड किया जा चुका था।
ALPA इंडिया ने की निष्पक्ष जांच की मांग
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA) ने भी AAIB की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ALPA ने आरोप लगाया कि जांच का पूरा फोकस पायलट की गलती पर डालने की कोशिश की जा रही है।
ALPA की मांग है कि:
जांच में पारदर्शिता हो
उनके प्रतिनिधियों को पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल किया जाए
पूरी प्रक्रिया तथ्य आधारित और निष्पक्ष हो
अहमदाबाद विमान हादसे की जांच को लेकर विशेषज्ञों और पायलट संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है। जहां AAIB की रिपोर्ट कुछ तकनीकी कारण बताती है, वहीं विशेषज्ञ रिपोर्ट की स्पष्टता और निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। यह देखना अहम होगा कि आखिरी जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकलते हैं, और क्या इससे विमानन सुरक्षा में कोई बड़ा सुधार हो पाता है।