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Abhiyaan 2.0: Department of Pension and Pensioners' Welfare launches nationwide Digital Life Certificate Abhiyaan 2.0 from November 1 to 30, 2023

Abhiyaan 2.0 : पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 1 से 30 नवंबर, 2023 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 2.0 शुरू किया

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नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) –  केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों के जीवन को आसान बनाने के लिए पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) का अद्वितीय उपयोग कर रहा है।

डीएलसी का उपयोग कैसे हुआ: एक ब्रिफ
सबसे पहले, वर्ष 2014 में, डीएलसी का उपयोग बायोमेट्रिक उपकरणों के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए शुरू किया गया था। इसके बाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआइई) के साथ मिलकर आधार डेटाबेस पर आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम विकसित किया।

 फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक का महत्व:

 फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित की जाती है और डीएलसी/डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाया जाता है। इस सुविधा के अनुसार, फेस ऑथेन्टिकेशन तकनीक के जरिए जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने में मदद मिलती है और बाहरी बॉयोमीट्रिक उपकरणों की आवश्यकता कम हो जाती है।

डीएलसी अभियान: सफलता की तरफ कदम
डीएलसी/डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए डीएलसी तकनीक का उपयोग करने वाले केंद्र सरकार के पेंशन भोगियों को देश के विभिन्न हिस्सों में एक राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से जीवन प्रमाण-पत्र जमा करने में मदद कर रहे हैं।

दौरा करने वाले केंद्र:
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अधिकारी पेंशन भोगियों को उनके जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में विभिन्न डिजिटल तरीकों के उपयोग में सहायता करने के लिए देश भर में प्रमुख स्थानों का दौरा करेंगे।

देशव्यापी प्रस्ताव:
अभियान देश के 100 शहरों में 500 स्थानों पर एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में अगले 1 से 30 नवंबर, 2023 तक चलाया जा रहा है, जिसमें 17 पेंशन वितरण बैंकों, मंत्रालयों/विभागों, पेंशनभोगी कल्याण संघों, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा यूआईडीएआइई के सहयोग से 50 लाख पेंशनभोगियों को लक्ष्य बनाकर सहायता मिल

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