पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए शनिवार का दिन राजनीतिक और कानूनी हलचल से भरा रहा। एक ओर पुलिस ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) सुमित रॉय की तलाश में उनके कोलकाता स्थित आवास पर छापेमारी की, वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
सुमित रॉय की तलाश में पुलिस का छापा
जानकारी के अनुसार, शालबोनी पुलिस स्टेशन की टीम ने कोलकाता पुलिस के सहयोग से शनिवार सुबह सुमित रॉय के घर पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने पूरे परिसर की जांच की और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल के बाद वहां से रवाना हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई उन आरोपों से जुड़ी है जिनमें दावा किया गया है कि सुमित रॉय ने कुछ लोगों से चुनावी टिकट दिलाने के नाम पर धनराशि ली थी। पुलिस फिलहाल इन आरोपों की जांच कर रही है और इसी सिलसिले में रॉय की तलाश की जा रही है।
ममता बनर्जी पहुंचीं अभिषेक के आवास
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी भी अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंचीं। हालांकि, उनकी यात्रा को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
वहीं, चुनावी टिकट के बदले पैसे लेने के आरोपों पर अब तक अभिषेक बनर्जी या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
CID ने अभिषेक बनर्जी को भेजा समन
इससे पहले शुक्रवार को पश्चिम बंगाल CID ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी कर 16 जून को जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था। यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयान से जुड़ा हुआ है।
CID की एक टीम नोटिस देने के लिए अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पहुंची थी, लेकिन उस समय वे घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार और कार्यालय के कर्मचारियों ने अधिकारियों को बताया कि बनर्जी पास में स्थित ममता बनर्जी के आवास पर एक बैठक में शामिल होने गए हैं।
दो घंटे इंतजार के बाद सौंपा गया नोटिस
अधिकारियों ने अभिषेक बनर्जी से सीधे मुलाकात की कोशिश की और करीब दो घंटे तक इंतजार किया। जब वे उनसे नहीं मिल सके तो नोटिस उनके कार्यालय के एक कर्मचारी को सौंप दिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि चल रही जांच के तहत विधिवत नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 16 जून को जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है।
चुनावी बयान से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा कथित रूप से की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायत पहले बागुईआटी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। बाद में इसकी जांच बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने को सौंपी गई और फिर मामला CID के पास चला गया।
मदन मित्रा के ठिकानों पर ED का एक्शन
इधर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शनिवार को तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने कोलकाता और आसपास के कुल आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
इनमें कोलकाता के भवानीपुर, उत्तर 24 परगना के कमारहाटी और दक्षिण 24 परगना के जोका स्थित आवास भी शामिल हैं।
म्युनिसिपल भर्ती घोटाले से जुड़ी जांच
सूत्रों के मुताबिक, ED की यह कार्रवाई कथित नगर निकाय (म्युनिसिपल) भर्ती घोटाले से संबंधित जांच का हिस्सा है। एजेंसी दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और मामले में आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। टीएमसी के दो प्रमुख नेताओं से जुड़े इन घटनाक्रमों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।