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दिल्ली विधानसभा में पहली बार एआई आधारित लाइव ट्रांसक्रिप्शन एवं अनुवाद प्रणाली का होगा पायलट ट्रायल

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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने विधायी कार्यवाही को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने सदन में जानकारी दी कि दिल्ली विधानसभा ने डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग को सदन की कार्यवाही के दौरान अपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित लाइव ट्रांसक्रिप्शन (सजीव प्रतिलेखन) एवं अनुवाद प्रणाली के प्रायोगिक परीक्षण (पायलट ट्रायल) के लिए आमंत्रित किया है।

उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य यह मूल्यांकन करना है कि एआई आधारित तकनीक किस प्रकार विधायी कार्यवाही के प्रतिलेखन और बहुभाषी अनुवाद को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बना सकती है। डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन है, जिसका शुभारंभ जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में आयोजित डिजिटल इंडिया सप्ताह के दौरान माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था। इस मिशन का उद्देश्य नागरिकों को उनकी पसंदीदा भारतीय भाषा में डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट तक सरल एवं सुलभ पहुँच उपलब्ध कराना है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह देश के किसी भी विधायी सदन में भाषिणी की लाइव ट्रांसक्रिप्शन एवं अनुवाद प्रणाली का पहला प्रायोगिक परीक्षण होगा। परीक्षण के दौरान प्रणाली के प्रदर्शन, प्रतिलेखन की गुणवत्ता तथा अनुवाद की शुद्धता का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर तकनीकी सुधार एवं आवश्यक अनुकूलन किए जाएंगे। पायलट ट्रायल के सफल रहने पर दिल्ली विधानसभा अपनी अन्य कार्यात्मक शाखाओं में भी इसी प्रकार के एआई-सक्षम समाधानों को अपनाने की संभावनाओं पर विचार करेगी। यह पहल डिजिटल शासन और बहुभाषी विधायी प्रक्रियाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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