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राज्यसभा में India-US Trade Deal पर संग्राम, नड्डा का कांग्रेस पर हमला

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राज्यसभा में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को सदन को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस समझौते पर स्वतः संज्ञान लेते हुए विस्तृत बयान जारी करेगी और इस पर चर्चा के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

सरकार खुद जारी करेगी विस्तृत बयान: नड्डा

जेपी नड्डा ने सदन में कहा कि सोमवार देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ को लेकर ट्वीट किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “सच्चा मित्र” बताया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद देते हुए व्यापार समझौते को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।

नड्डा ने स्पष्ट किया—“सरकार इस व्यापार समझौते पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एक बयान जारी करेगी और सदन में इस पर चर्चा भी की जाएगी।”

कांग्रेस के रवैये पर नड्डा का तीखा हमला

जेपी नड्डा ने व्यापार समझौते पर कांग्रेस की आपत्तियों और नारेबाजी को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है, तब विपक्ष का यह रवैया लोकतंत्र के लिए खतरा है।

उन्होंने कहा—“यह कांग्रेस और INDIA गठबंधन की हताशा को दर्शाता है। उनका यह व्यवहार लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।”

टैरिफ में कटौती के बाद बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर लगने वाला टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।

सरकार का दावा है कि इससे भारत के निर्यात, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

कांग्रेस ने समझौते पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पूरे विवरण की मांग करते हुए कई अहम सवाल उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं—

कृषि क्षेत्र को खोलने के दावे

टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को “शून्य” करने की मांग

रूसी तेल की खरीद पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान

समझौते की घोषणा के तरीके पर भी आपत्ति

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर सबसे पहले समझौते की घोषणा के तरीके पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि—

व्यापार समझौते की जानकारी पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी

यह समझौता भी युद्धविराम की तरह “मोदी के अनुरोध पर” बताया गया

कांग्रेस ने यह भी चिंता जताई कि यदि अमेरिकी दबाव में टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को शून्य किया गया, तो इसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था और किसानों की सुरक्षा पर पड़ सकता है।

राजनीतिक टकराव और आगे की राह

India-US Trade Deal को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सरकार जहां इसे भारत के लिए बड़ी आर्थिक उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष इसके हर पहलू पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।

अब सबकी नजर सरकार के उस आधिकारिक बयान पर है, जिसमें समझौते की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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