नई दिल्ली,(नेशनल थॉट्स ) – नवरात्र 2023 शुरू हो चुका है और यह पावन त्योहार 23 अक्टूबर 2023 को समाप्त होगा। देवी दुर्गा की शक्ति की पूजा के इस महत्वपूर्ण समय को दर्शाने के लिए हम सभी को अवसर मिला है। नवरात्रि का महत्व है माता रानी की पूजा और अर्चना का।
नवरात्रि के दौरान माता रानी के नौ स्वरूपों की पूजा आयोजित की जाती है और मंदिर, पूजा पंडाल और घरों में उत्सव मनाया जाता है। नवरात्रि के दिन धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा करने से माता रानी की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा, भक्तजन उपवास भी करते हैं और कुछ लोग अखंड ज्योत जलाते हैं, जिसे घर में शांति और सुख का प्रतीक माना जाता है।
आप कलश हटाने से पहले माता रानी की पूजा करें। मां की आरती गाएं। इसके बाद माता रानी से क्षमा मांगते हुए कलश के जल को पूरे घर में छिड़क दें। बचे हुए जल को तुलसी या शमी की जड़ में डाल दें। इस दौरान मिट्टी के दीये, फूल माला, आदि को किसी पेड़ की जड़ में रख दें।
इस दौरान बोए जाने वाले जवारे भी बहुत खास होते है। नवरात्रि के बाद आप इसे किसी पेड़ या मंदिर के पास रख दें। हालांकि, थोड़े से जवारे निकालकर आप अपनी तिजोरी या पर्स में भी रख सकते हैं, इससे मां दुर्गा आप पर हमेशा मेहरबान रहेंगी।
इस बात रखें ध्यान
कलश उठाने से पहले आपको कन्या पूजन करना है। क्योंकि, नवरात्रि के व्रत को पूरा करने के लिए कन्या पूजन का विधान है। आप अपनी रीत के अनुसार, अष्टमी या नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन कर सकते हैं। इस दौरान कन्याओं को भोजन कराएं और उनकी पूजा कर उन्हें भेंट दें।