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PM मोदी के बंगाल दौरे के बाद चुनाव तारीखों का ऐलान, कांग्रेस ने EC पर उठाए सवाल

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कांग्रेस सांसद Sukhdev Bhagat ने सोमवार को Election Commission of India पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग Bharatiya Janata Party के प्रति पक्षपातपूर्ण तरीके से काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा West Bengal में विकास परियोजनाओं की घोषणा करने के ठीक अगले दिन विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया, जो संदेह पैदा करता है

चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप

एएनआई से बातचीत में सुखदेव भगत ने कहा कि चुनाव आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं दिखाई देता।

उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और अगले ही दिन राज्य के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई। उन्होंने इसे “सरासर धांधली” बताते हुए कहा कि इससे आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की बात पर भी सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में इस सिद्धांत पर विश्वास करती है तो फिर आगामी विधानसभा चुनावों में अलग-अलग राज्यों के लिए मतदान और परिणाम की तारीखों में इतना लंबा अंतर क्यों रखा गया है।

भगत ने आरोप लगाया कि मतदान और नतीजों के बीच ज्यादा समय का अंतराल भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।

चार राज्यों में चुनाव कार्यक्रम घोषित

दरअसल, रविवार को Election Commission of India ने चार राज्यों—West Bengal, Kerala, Tamil Nadu और Assam—साथ ही केंद्र शासित प्रदेश Puducherry में विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया।

घोषित कार्यक्रम के अनुसार:

पश्चिम बंगाल: 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान

केरल: 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान

असम: 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान

तमिलनाडु: 23 अप्रैल को मतदान

पुडुचेरी: 9 अप्रैल को मतदान

सभी राज्यों और पुडुचेरी में वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

अलग-अलग समय पर खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल

इन राज्यों की वर्तमान विधानसभाओं का कार्यकाल अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है:

पश्चिम बंगाल: 7 मई

तमिलनाडु: 10 मई

असम: 20 मई

केरल: 23 मई

पुडुचेरी: 15 जून

कांग्रेस की ओर से उठाए गए इन सवालों के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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