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नोएडा में 65 खतरनाक स्थान चिह्नित, इंजीनियर मौत के बाद प्रशासन सक्रिय

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उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के बाद नोएडा प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन ने शहर में मौजूद 65 खतरनाक स्थानों की पहचान की है, जहां आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा बना हुआ है।

65 में से 52 स्थान नोएडा अथॉरिटी के अधीन

अधिकारियों के अनुसार, चिन्हित किए गए 65 खतरनाक स्थानों में से 52 स्थान नोएडा अथॉरिटी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इन सभी स्थानों पर एक सप्ताह के भीतर सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुधार कार्यों की समयसीमा तय करने का निर्णय मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया।

सीईओ कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

समीक्षा बैठक की अध्यक्षता नोएडा अथॉरिटी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह कार्रवाई 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के लगभग 10 दिन बाद की गई है।

कैसे हुआ हादसा

युवराज मेहता की कार सेक्टर-150 में स्थित एक तेज मोड़ पर पानी से भरी खाई में गिर गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद युवराज के पिता और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर न तो बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगाए गए थे।

लापरवाही के आरोप, अधिकारियों पर कार्रवाई

इस घटना ने नोएडा में नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ लोकेश एम को पद से हटा दिया, जबकि एक जूनियर इंजीनियर की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।

13 अन्य खतरनाक स्थानों पर भी कार्रवाई के निर्देश

अधिकारियों ने बताया कि शेष 13 खतरनाक स्थान अन्य विभागों के अंतर्गत आते हैं। इन विभागों को 20 फरवरी तक सुधार कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए जाएंगे।

गांवों में जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या

समीक्षा बैठक के दौरान गांवों में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की गंभीर समस्या भी सामने आई।
अधिकारियों के अनुसार, नालों में गोबर और कचरा डाले जाने से हालात और बिगड़ रहे हैं।

कचरा निस्तारण के लिए वैज्ञानिक समाधान की तैयारी

इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने 10 दिनों के भीतर वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण के लिए रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित करने का फैसला लिया है।

पहले भी हो चुका था हादसा

गौरतलब है कि युवराज मेहता की मौत से कुछ दिन पहले, 2 जनवरी को उसी स्थान पर एक ट्रक भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

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