रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम में घोषणा की कि भारत फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान के साथ मिलकर पाँचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के इंजन का निर्माण करेगा।
उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (AMCA) विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है।
वैश्विक कंपनियों से बातचीत और अंतिम निर्णय
इस परियोजना पर भारत की बातचीत पहले रोल्स-रॉयस (यूके) और जीई (अमेरिका) जैसी कंपनियों से चल रही थी।
अंततः भारत ने सफ्रान के साथ साझेदारी का फैसला किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती AMCA विमान GE-414 इंजन से उड़ान भरेंगे, जबकि उन्नत Mk-2 संस्करण में सफ्रान का 120 KN इंजन इस्तेमाल होगा।
रक्षा मंत्री का बयान
राजनाथ सिंह ने कहा:
“हाल ही में हमने एचएएल को लगभग 66,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस लड़ाकू विमान बनाने का नया ऑर्डर दिया है।
इससे पहले भी 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 तेजस विमान बनाने का ऑर्डर दिया गया था।
तेजस विमान भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का एक शानदार उदाहरण है।
चुनौतियाँ अवश्य हैं, लेकिन हमने संकल्प लिया है कि भारत में लड़ाकू विमानों और उनके इंजन निर्माण की पूरी क्षमता स्थापित करेंगे।”
तेजस विमान : आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
तेजस को भारत के रक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जा रहा है।
यह विमान भारत के आत्मनिर्भर बनने के संकल्प और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।
सरकार अब इसके अगले चरण यानी 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान और उनके स्वदेशी इंजन निर्माण पर काम कर रही है।
भारत की वायु रक्षा क्षमताओं का विस्तार
भारत ने वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
केवल तेजस ही नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में 5वीं पीढ़ी के विमान भी वायुसेना की ताकत बढ़ाएँगे।
यह पहल भारत को रक्षा क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाएगी।
सफ्रान समूह के बारे में
सफ्रान एक फ्रांसीसी बहुराष्ट्रीय एयरोस्पेस, रक्षा और सुरक्षा कंपनी है।
2005 में SNECMA (एयरोस्पेस इंजन निर्माता) और SAGEM (इलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ) के विलय से बनी।
2018 में Zodiac Aerospace का अधिग्रहण कर एयरोस्पेस गतिविधियों का विस्तार किया।
कंपनी वाणिज्यिक और सैन्य विमानों के इंजन, अंतरिक्ष यान प्रणालियों, मिसाइल प्रणोदन और अन्य रक्षा उपकरण बनाती है।
2024 में कंपनी का राजस्व 27.31 बिलियन यूरो रहा और इसमें 92,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
यह यूरोनेक्स्ट स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है और CAC 40 व Euro Stoxx 50 का हिस्सा है।