22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में तीन आतंकवादियों ने भीषण हमला कर दिया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई। हमलावर AK-47 और M4 कार्बाइन से लैस थे और उन्होंने विशेष रूप से हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया। हमले से पहले पीड़ितों से धर्म पूछा गया। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की इकाई द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह हमला 2008 के मुंबई हमले के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है।
बडगाम में दो आतंकी सहयोगी गिरफ्तार
हमले के बाद शुरू हुए व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बडगाम में बड़ी सफलता मिली। नाका चेकिंग के दौरान दो आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से एक पिस्तौल, एक ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुए। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है।
पुंछ में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़
रविवार रात पुंछ जिले के सुरनकोट सेक्टर के हरि मारोटे गांव में सेना, पुलिस और एसओजी के संयुक्त ऑपरेशन में एक बड़ा आतंकी ठिकाना उजागर किया गया। यहां से पांच IED, दो वायरलेस सेट, गैस सिलेंडर, दूरबीन, कंबल, टोपी, कपड़े और बर्तन बरामद किए गए। IED को सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया। इन विस्फोटकों को सीमा क्षेत्र में हमले के लिए तैयार किया गया था।
सुरक्षा बल सतर्क, आतंकवाद विरोधी अभियान तेज
पहलगाम हमले के बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आतंकी हमलों की आशंका के चलते लगातार तलाशी अभियान और निगरानी बढ़ाई जा रही है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही हैं।