दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह और मुकेश अहलावत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अगले कुछ दिनों में कानूनी कार्रवाई कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर AAP विधायकों को तोड़ने के प्रयास के आरोपों को लेकर भेजे गए नोटिस का अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
अगर AAP की ओर से जवाब नहीं दिया जाता है, तो एसीबी दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
भ्रष्टाचार के आरोप और नोटिस
7 फरवरी को एसीबी ने AAP नेता मुकेश अहलावत को भाजपा द्वारा पार्टी नेतृत्व को कमजोर करने के आरोप पर नोटिस जारी किया था। इसके साथ ही, पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस भेजा गया, जिसमें AAP विधायकों को रिश्वत देने के आरोपों की जांच में उनकी उपस्थिति का अनुरोध किया गया।
गंभीर आरोपों की जांच
एसीबी ने इस मामले को गंभीर माना है और सच्चाई सामने लाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई है। अरविंद केजरीवाल को व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध रहने और मामले से जुड़ी जानकारी देने के लिए कहा गया। नोटिस के मुताबिक, जांच मुख्य रूप से उन 16 AAP विधायकों पर केंद्रित है, जिन्हें कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश की गई थी।
आगे की रणनीति
सूत्रों का कहना है कि अगर आप नेताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, तो एसीबी कानूनी कार्रवाई के तहत कड़ी कदम उठा सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले में दिल्ली पुलिस की भूमिका भी अहम होगी।
राजनीतिक विवाद का नया अध्याय
इस मामले ने दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मचा दी है। अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने पहले भी भाजपा पर विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया था। अब एसीबी की इस कार्रवाई से राजनीतिक माहौल और गर्म हो सकता है।