प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने बजट सत्र 2025-26 की शुरुआत से पहले शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह पहला संसद सत्र है जिसमें उन्होंने 2014 के बाद से “कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं” देखा है। उन्होंने संसद जाने से पहले मीडिया से कहा, “यह पहला सत्र है, जिसमें हमारे मामलों में किसी विदेशी ताकत ने हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं की। यह सत्र बिना किसी विदेशी चिंगारी के शुरू हो रहा है।”
सरकार का ध्यान ‘सर्वांगीण विकास’ पर
प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरे कार्यकाल में सरकार के “सर्वांगीण विकास” पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नवाचार, समावेशन और निवेश ने देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
“हम मिशन मोड में काम कर रहे हैं, और देश को हर दृष्टिकोण से – भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक – विकास की दिशा में ले जाएंगे।”
प्रधानमंत्री मोदी ने सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास की गति को प्राप्त करने के लिए सुधार सबसे महत्वपूर्ण है, और यह केंद्र और राज्य सरकारों के प्रदर्शन और जन भागीदारी के माध्यम से संभव होगा।
सत्र में ऐतिहासिक विधेयकों पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सत्र में कई ऐतिहासिक विधेयकों पर चर्चा होगी, जो राष्ट्र को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
उन्होंने कहा, “इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर मंथन होगा, जिनका उद्देश्य राष्ट्र की शक्ति को बढ़ाना है। खासकर नारी शक्ति को सम्मान और समान अधिकार दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।”
युवाओं को ‘विकसित भारत’ का उपहार
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी 50 वर्ष की आयु तक विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी होगी। उन्होंने कहा,
“हमारा देश युवा है, और आज के 20-25 साल के युवा 50 साल की आयु होने तक विकसित भारत के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे। वे देश की नीति निर्माण की बागडोर संभालेंगे, और यह विकसित भारत का हमारा विजन उनके लिए एक बड़ा उपहार होगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र से पहले विदेशी हस्तक्षेप के बिना एक नई दिशा के रूप में सत्र की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने सरकार की योजनाओं और युवाओं के लिए भविष्य पर भी प्रकाश डाला, जिससे विकसित भारत का सपना पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।