महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में एक इंटरव्यू में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे और उनकी सरकार के गठन से जुड़ी कई अहम बातें साझा की। उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण से दो दिन पहले, जब शिंदे ने शिवसेना प्रमुख से संपर्क किया, तो वे डिप्टी सीएम बनने के लिए सहमत हो गए थे।
शिंदे के उपमुख्यमंत्री बनने की कहानी
फडणवीस ने कहा कि शिंदे ने चुनाव जीतने के बाद महायुति की पहली बैठक में यह स्वीकार किया था कि मुख्यमंत्री भाजपा से ही होगा। हालांकि, शिवसेना के कुछ नेता चाहते थे कि मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से हो। लेकिन, फडणवीस ने किसी भी संदेह के बिना शिंदे को सहयोग दिया, और बाद में वे उपमुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हो गए। फडणवीस ने यह भी बताया कि शिंदे के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे थे, जो इस निर्णय में सहायक रहे।
डॉ. बीआर अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
फडणवीस ने 69वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “हम बाबासाहब का बदला कभी नहीं चुका सकते, लेकिन हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर देश को तरक्की की ओर ले जा सकते हैं।”
महाराष्ट्र सरकार के कार्यों की जानकारी
फडणवीस ने इस अवसर पर राज्य सरकार के संविधान के अनुरूप काम करने का वादा किया। उन्होंने कहा, “हमारे देश का संविधान सबसे खूबसूरत चीज है और हम इसका पालन करेंगे, ताकि देश तेजी से प्रगति कर सके।”
फडणवीस का यह बयान उनके नेतृत्व और महाराष्ट्र सरकार के भविष्य की दिशा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है।