NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

22 मंत्री हारे, फिर भी ममता बोलीं—हम नहीं हारे

Share This Post

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं।

ममता बनर्जी का इस्तीफे से इनकार

हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा,
“हम हारे नहीं हैं, इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता।”

उन्होंने चुनाव परिणामों को “साजिश” करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी हस्तक्षेप के आरोप लगाए।

चुनाव आयोग और EVM पर सवाल

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को “खलनायक” बताया।
उन्होंने EVM में गड़बड़ी, मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप और प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दे उठाए।

उनका दावा है कि मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए गए और यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई।

100 सीटें छीने जाने का दावा

ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की करीब 100 सीटें “छीन ली गईं”।
उन्होंने आगे की रणनीति के लिए जांच दल बनाने की बात कही और INDIA गठबंधन को मजबूत करने का संकेत दिया।

INDIA गठबंधन का समर्थन

ममता बनर्जी ने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन जैसे नेताओं ने उनसे संपर्क कर समर्थन जताया।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विपक्षी एकता और मजबूत होगी।

BJP ने जीत को बताया जनादेश

दूसरी ओर, BJP ने इस जीत को जनता के भरोसे का परिणाम बताया।
पार्टी के अनुसार, महिलाओं का समर्थन, सातवें वेतन आयोग का वादा, युवाओं और मध्यम वर्ग का झुकाव इस जीत के प्रमुख कारण रहे।

हार के बड़े कारण

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक बेरोजगारी, उद्योगों की कमी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों ने TMC के खिलाफ माहौल बनाया।
15 साल के शासन के बाद जनता में बदलाव की इच्छा साफ नजर आई।

22 मंत्री हारे, बड़ा झटका

इस चुनाव में ममता बनर्जी समेत 35 मंत्रियों में से 22 को हार का सामना करना पड़ा।
यानी करीब 63% मंत्री अपनी सीट नहीं बचा सके, जो सरकार के खिलाफ मजबूत एंटी-इंकंबेंसी को दर्शाता है।

CM पद की दौड़ शुरू

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि BJP की ओर से मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, जबकि समिक भट्टाचार्य, स्वप्न दासगुप्ता और दिलीप घोष भी दावेदारों में शामिल हैं।

भाजपा ने अमित शाह को पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

शपथ ग्रहण की तैयारी

नई BJP सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को प्रस्तावित है, जो रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के दिन हो सकता है।

बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक समीकरण भी पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *