उत्तर प्रदेश के झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में शुक्रवार रात भीषण आग लग गई। इस आग के कारण 10 नवजात शिशुओं की जलने और दम घुटने से मौत हो गई। यह हादसा मेडिकल कॉलेज में एक बड़ी त्रासदी के रूप में सामने आया है।
शनिवार सुबह झांसी पहुंचे उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने जानकारी दी कि वार्ड में कुल 49 बच्चे थे, जबकि उसकी क्षमता केवल 18 बिस्तरों की थी। बृजेश पाठक ने बताया कि आग लगने के बाद सात बच्चों के शवों की पहचान हो गई है, जबकि तीन बच्चों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से लगी हो सकती है। दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया और अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, झांसी प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना का संज्ञान लिया और जिले के अधिकारियों को जांच कर गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।