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कुलगाम आतंकी हमला: पीड़ित परिवारों को ₹10 लाख मुआवजा

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस घटना को कायरतापूर्ण और अमानवीय बताते हुए मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में जम्मू-कश्मीर सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गई जान

शुक्रवार को कुलगाम जिले के केलम इलाके में आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों पर गोलीबारी की थी।

हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने शनिवार को शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों मृतक 20 से 22 वर्ष की उम्र के थे और छत्तीसगढ़ के निवासी थे।

डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने जताया दुख

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि पहलगाम और अनंतनाग जैसी घटनाओं के बाद अब फिर रोजी-रोटी कमाने आए मजदूरों की हत्या होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद खत्म होने के दावों के बावजूद ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय हैं।

सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी

घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार या निष्क्रिय करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

हमले की जिम्मेदारी TRF ने ली

रिपोर्टों के अनुसार, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है।

TRF को सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का प्रॉक्सी संगठन मानती हैं। बताया जा रहा है कि इस संगठन ने सोशल मीडिया पर बाहरी लोगों और जम्मू-कश्मीर पुलिस को निशाना बनाने की धमकी भी दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22 जुलाई को अनंतनाग में पुलिसकर्मी पर हुए हमले के पीछे भी इसी संगठन का हाथ होने की आशंका जताई गई थी।

घाटी में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

कुलगाम की यह घटना एक बार फिर घाटी में प्रवासी मजदूरों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। लगातार हो रहे आतंकी हमलों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे क्षेत्र में आतंकियों की तलाश जारी है।

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