बेंगलुरु: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के मैसूरु स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर 3:30 बजे आयोजित होगा। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा की याद में बना स्मारक
आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘विवेक स्मारक’ का निर्माण स्वामी विवेकानंद की नवंबर 1892 में मैसूरु यात्रा की स्मृति में किया गया है। उस दौरान उन्होंने कई प्रेरणादायक प्रवचन दिए, विद्वानों और श्रद्धालुओं से संवाद किया तथा तत्कालीन महाराजा चामराजेंद्र वाडियार दशम का संरक्षण प्राप्त किया।
इसी सहयोग के चलते स्वामी विवेकानंद वर्ष 1893 में शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे, जहां उनके ऐतिहासिक संबोधन ने पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति और सनातन दर्शन का गौरव बढ़ाया।
81 हजार वर्ग फुट में फैला है ‘विवेक स्मारक’
मैसूरु के ऐतिहासिक निरंजन मठ परिसर में बना यह आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र 81,000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। इसमें एक मुख्य भवन और एक एनेक्स ब्लॉक शामिल है, जिन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
युवाओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं
‘विवेक स्मारक’ में युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें शामिल हैं—
4-डी एक्सपीरियंस सेंटर
प्रदर्शनी हॉल
लगभग 700 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर
कक्षाएं और सम्मेलन कक्ष
पुस्तकालय और वाचनालय
ध्यान एवं योग हॉल
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए विशेष अध्ययन सुविधाएं
क्या होता है एम्फीथिएटर?
एम्फीथिएटर एक खुला गोल या अंडाकार सभास्थल होता है, जिसके बीच में मंच और चारों ओर दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ीनुमा व्यवस्था होती है। इसका उपयोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, व्याख्यानों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए किया जाता है।
युवाओं में नेतृत्व और संस्कार विकसित करना है उद्देश्य
अधिकारियों के अनुसार, यह सांस्कृतिक युवा केंद्र स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और आदर्शों को समर्पित है। इसका उद्देश्य युवाओं में मूल्य आधारित शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना है। यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और सीख का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।