उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने हाल ही में कई उन्नत हथियार प्रणालियों के परीक्षण का निरीक्षण किया और सेना को अपने “घातक और विनाशकारी आक्रामक रुख” को और मजबूत करने का निर्देश दिया। सरकारी मीडिया के अनुसार, यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर कोरिया लगातार अपनी सैन्य और परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
हथियार परीक्षणों का किया निरीक्षण
उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) के मुताबिक, किम जोंग उन ने बृहस्पतिवार को कई आधुनिक हथियार प्रणालियों के परीक्षण देखे। इन परीक्षणों का उद्देश्य उन्नत मल्टी-रॉकेट लॉन्च सिस्टम से लैस टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए विशेष हथियारों की क्षमता का आकलन करना था।
इसके अलावा, लंबी दूरी तक सटीक निशाना साधने में सक्षम होवित्जर तोपों की फायरिंग क्षमता का भी परीक्षण किया गया।
दक्षिण कोरिया और अमेरिकी ठिकाने बन सकते हैं निशाना
केसीएनए के अनुसार, किम ने कहा कि इन परीक्षणों के परिणामों ने दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों में हमले की क्षमता को और मजबूत करने वाली तकनीकी प्रगति को साबित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन हथियारों का परीक्षण किया गया है, वे दक्षिण कोरिया में मौजूद रणनीतिक ठिकानों और वहां स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने में सक्षम हो सकते हैं।
नौसेना में शामिल हुआ आधुनिक युद्धपोत
हथियार परीक्षणों से कुछ दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने अपने पहले 5,000 टन वजनी विध्वंसक युद्धपोत ‘चोए ह्योन’ को नौसेना में शामिल किया था।
किम जोंग उन ने इस युद्धपोत को देश की बढ़ती नौसैनिक शक्ति और परमाणु क्षमता का प्रतीक बताया। इसे उत्तर कोरिया का अब तक का सबसे आधुनिक और उन्नत युद्धपोत माना जा रहा है।
बातचीत से दूरी, सैन्य ताकत पर फोकस
विश्लेषकों के अनुसार, उत्तर कोरिया फिलहाल दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता में लौटने के संकेत नहीं दे रहा है। इसके बजाय किम जोंग उन का पूरा ध्यान परमाणु हथियारों और पारंपरिक सैन्य ताकत को मजबूत करने पर केंद्रित है।
हालिया हथियार परीक्षण और नए युद्धपोत की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।