वर्ष 2026 में अधिक मास ज्येष्ठ मास के साथ पड़ रहा है। अधिक मास की शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और इसका समापन 15 जून 2026 को होगा। इसी दौरान 17 मई 2026, रविवार को अधिक चंद्र दर्शन का विशेष पर्व मनाया जाएगा।
हिंदू धर्म में अमावस्या के बाद चंद्रमा के प्रथम दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है। जब यह संयोग अधिक मास में आता है, तब इसे “अधिक चंद्र दर्शन” कहा जाता है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है।
अधिक चंद्र दर्शन की तिथि और शुभ समय
साल 2026 में अधिक चंद्र दर्शन 17 मई, रविवार को होगा।
इस दिन चंद्र दर्शन का शुभ समय शाम लगभग 7:06 बजे से 7:58 बजे तक रहेगा।
मान्यता है कि इस समय चंद्रमा के दर्शन और पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। सूर्यास्त के बाद आकाश में दिखाई देने वाले पतले चंद्रमा का दर्शन बेहद शुभ माना जाता है।
अधिक चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व
हिंदू शास्त्रों में चंद्र दर्शन को नई शुरुआत, मानसिक शांति और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है। अधिक मास में होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चंद्र देव की पूजा करने से—
चंद्र दोष शांत होता है।
मानसिक तनाव और अशांति दूर होती है।
जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मन को स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना गया है। इसलिए चंद्र दर्शन को मानसिक संतुलन और भावनात्मक मजबूती से भी जोड़ा जाता है।
पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान चंद्रमा प्रकट हुए थे। देवताओं ने उन्हें अत्यंत सम्मान दिया और भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया। इसी कारण चंद्र देव को विशेष पूजनीय माना जाता है।
वहीं अधिक मास तब आता है, जब चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच अंतर बढ़ जाता है। शास्त्रों में इसे भगवान विष्णु का प्रिय मास बताया गया है। मान्यता है कि इस महीने में पूजा-पाठ, दान और भक्ति करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
अधिक चंद्र दर्शन की पूजा विधि
सूर्यास्त के बाद स्नान कर स्वच्छ सफेद वस्त्र धारण करें।
पश्चिम दिशा की ओर मुख करके चंद्रमा का दर्शन करें।
चंद्र देव को जल, दूध, चावल, सफेद पुष्प और चंदन मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें।
“ॐ सोम सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें।
दीपक जलाकर खीर, सफेद मिठाई और फल का भोग लगाएं।
इस दिन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है।
जरूरतमंदों को चावल, दूध, सफेद वस्त्र या चांदी का दान करें।
अधिक चंद्र दर्शन से मिलने वाले लाभ
मानसिक शांति और तनाव से राहत मिलती है।
परिवार में सुख और सामंजस्य बढ़ता है।
आकर्षण और सौंदर्य में वृद्धि होती है।
चंद्र दोष और मानसिक परेशानियों में लाभ मिलता है।
जप, तप और दान का कई गुना पुण्य प्राप्त होता है।
अधिक चंद्र दर्शन का यह शुभ अवसर भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं।