पंजाब के Bhagwant Mann ने एसएएस नगर (मोहाली) में आयोजित तीन दिवसीय प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को पूर्ण सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मेलन में वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों की मजबूत भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि 30 विचार-विमर्श सत्रों ने पंजाब की अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार सृजन करने और युवाओं के पलायन को रोकने के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।
मान ने यह भी घोषणा की कि निवेश परियोजनाओं की प्रगति की छह महीने में समीक्षा की जाएगी, ताकि पंजाब को एक मजबूत औद्योगिक शक्ति बनाया जा सके।
विरासत में मिली चुनौतियों का जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार को पिछली सरकारों से कर्ज, शिकायतें और कई लंबित मुद्दे विरासत में मिले थे।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने इन चुनौतियों को दूर करने की दिशा में काम किया और पंजाब को फिर से विकास के रास्ते पर लाने का प्रयास किया।
मान ने कहा कि पहले निवेश के लिए दबाव बनाकर समझौता ज्ञापन (MoU) कराए जाते थे, जबकि अब सरकार विश्वास आधारित माहौल में निवेशकों को राज्य के विकास का भागीदार बना रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता, डिजिटलीकरण और निर्णायक शासन के जरिए निवेश को बढ़ावा दे रही है।
रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है और इससे नशे की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे पंजाब के व्यापार-अनुकूल माहौल का प्रचार देशभर में करें।
मान ने कहा कि पंजाब को फार्मास्यूटिकल्स, आईटी और अन्य क्षेत्रों में भारत का प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनाया जा सकता है।
पंजाब को वैश्विक औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने पंजाब को एक वैश्विक औद्योगिक और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि राज्य अपनी अन्न भंडार की पहचान, मेहनती लोगों और गुरुओं, संतों व शहीदों की समृद्ध विरासत के बल पर औद्योगिक क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है।
राजनीति में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि Aam Aadmi Party ने राजनीति में आम लोगों को केंद्र में रखा है। उनके अनुसार, इससे अन्य दलों को भी अपने घोषणापत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी पड़ी है।
उन्होंने लोकतंत्र में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से मतदान करने की अपील की और कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
मान ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि साधारण परिवारों से निकलकर भी लोग बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं, और दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे पंजाबियों की उद्यमशीलता इसका उदाहरण है।