भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव सिर्फ क्रिकेट मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि अब विज्ञापनों की दुनिया में भी साफ नजर आने लगा है। हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी आगामी T20 सीरीज के लिए एक प्रोमो जारी किया, जिसने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
PCB के प्रोमो में भारत की ‘नो-हैंडशेक’ नीति पर तंज
इस प्रोमो वीडियो में सीधे तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम की ‘नो-हैंडशेक’ पॉलिसी पर कटाक्ष किया गया है। वीडियो में पाकिस्तान को एक मेहमाननवाज़ मेज़बान के रूप में दिखाया गया है, जहाँ कलाकार देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमते नजर आते हैं।
वीडियो में पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा भी संक्षिप्त रूप से दिखाई देते हैं, जो मेहमाननवाज़ी के संदेश को मजबूत करते हैं।
प्रोमो का विवादित डायलॉग: “हैंडशेक भूल गए आप?”
प्रोमो के अंत में एक दृश्य दिखाया गया है, जहाँ एक विदेशी पर्यटक कैब से उतरता है लेकिन ड्राइवर से हाथ मिलाना भूल जाता है। इस पर ड्राइवर उसे रोकते हुए कहता है—
“हैंडशेक भूल गए आप, शायद हमारे पड़ोसियों के यहाँ रुके थे।”
इस संवाद को भारतीय टीम के हालिया फैसले पर सीधा तंज माना जा रहा है।
क्या है भारत की ‘नो-हैंडशेक’ पॉलिसी?
भारत ने एशिया कप 2025 के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ नो-हैंडशेक नीति अपनाई थी। उस समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने तीनों मुकाबलों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार किया था।
यह रुख बाद में कोलंबो में महिला विश्व कप मैच तक भी देखा गया, जब भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया।
युवाओं की टीमों में भी दिखा यही रुख
इसके अलावा राइजिंग स्टार्स एशिया कप और अंडर-19 एशिया कप मुकाबलों में भी भारतीय टीम ने यही नीति अपनाई। माना गया कि यह रुख भारतीय सेना और पहलगाम हमले के पीड़ितों के प्रति एकजुटता के प्रतीक के तौर पर लिया गया।
T20 वर्ल्ड कप 2026 में आमने-सामने होंगी टीमें
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और पाकिस्तान 15 फरवरी 2026 को T20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के कोलंबो में आमने-सामने होने वाले हैं।
बढ़ता तनाव और नई बहस
विशेषज्ञों की राय: PCB के इस ‘प्रोमो वॉर’ से मैदान पर माहौल और ज्यादा गरमा सकता है।
सुरक्षा और राजनीति: मौजूदा राजनीतिक तनाव के चलते भारतीय टीम पाकिस्तान की यात्रा नहीं कर रही है।
खेल भावना पर सवाल: जहाँ पाकिस्तान इसे मजाक या मेहमाननवाज़ी बता रहा है, वहीं भारत और बीसीसीआई के लिए यह सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
15 फरवरी पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजरें 15 फरवरी को होने वाले महामुकाबले पर टिकी हैं—क्या वहां भी भारत की यह ‘साइलेंट प्रोटेस्ट’ जारी रहेगी, या मैदान पर माहौल कुछ बदलेगा?