तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि एक बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार अपना आपा खो बैठे और उन्होंने अभिषेक बनर्जी की ओर उंगली उठाई। यह पूरा विवाद वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और बूथ लेवल अधिकारियों के साथ कथित बर्ताव को लेकर सामने आया है।
मीटिंग के दौरान टकराव का दावा
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ अधिकारी आक्रामक रवैया अपनाते हुए आवाज़ उठाकर बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा,
“उन्हें लगता है कि ऊंची आवाज़ और आक्रामक भाषा से वे सभी को चुप करा देंगे। जब हमने सवाल उठाने शुरू किए, तो वे अपना आपा खो बैठे। उन्होंने हममें से कुछ को रोकने की कोशिश की और मेरी ओर उंगली उठाई।”
फुटेज जारी करने की चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने CEC ज्ञानेश कुमार को बैठक का फुटेज सार्वजनिक करने की खुली चुनौती दी।
उन्होंने कहा,
“आप एक नामित अधिकारी हैं और अपने मालिकों के प्रति जवाबदेह हैं, जबकि मैं एक निर्वाचित प्रतिनिधि हूं और अपने राज्य के लोगों के प्रति जवाबदेह हूं। अगर उनमें हिम्मत है, तो वे मीटिंग का फुटेज जारी करें, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके।”
मीडिया का सामना करने की मांग
TMC नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि CEC को चुनिंदा जानकारियां लीक करने के बजाय मीडिया के सामने आकर हर मुद्दे पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“उन्हें नीचे आकर मीडिया का सामना करना चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि बंगाल के लोग या चुने हुए सांसद, मंत्री और विधायक गुलाम हैं? दो-तीन सवालों को छोड़ दें, तो वे हर मुद्दे पर असफल रहे हैं।”
SIR को लेकर TMC की आशंकाएं
बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर करीब दस अहम मुद्दे उठाए। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा पश्चिम बंगाल में चल रहा वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) रहा।
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट और सॉफ्टवेयर सिस्टम के जरिए हेरफेर की कोशिश की जा रही है।
विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील
अभिषेक बनर्जी ने समान विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों से इन मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज़ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट की पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है और इससे कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
अमित शाह का BJP कार्यकर्ताओं को संदेश
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BJP कार्यकर्ताओं के साथ बंद कमरे में हुई बैठक में राज्य को घुसपैठियों से मुक्त कराने का संकल्प दोहराया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को “कोई कसर न छोड़ने” का निर्देश दिया।