राज ठाकरे द्वारा अविभाजित शिवसेना छोड़कर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) बनाने के करीब बीस साल बाद, बुधवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने औपचारिक रूप से फिर से हाथ मिला लिया। दोनों चचेरे भाइयों ने 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान किया।
सीट बंटवारे की घोषणा जल्द
ठाकरे भाइयों ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के बीच सीटों के औपचारिक बंटवारे की घोषणा जल्द की जाएगी। दोनों नेता अपने-अपने परिवारों के साथ मंच पर नजर आए। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस मौके को “शुभ शुरुआत” बताया।
संजय राउत का दावा
संजय राउत ने कहा कि यह गठबंधन बीएमसी समेत अन्य नगर निगमों में भगवा झंडा लहराने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक मिलन केवल ठाकरे बंधुओं की पहल से संभव हो पाया है।
उद्धव ठाकरे बोले—अब हमेशा साथ रहेंगे
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि वे अब हमेशा एकजुट रहेंगे और मराठी मानुष को सशक्त बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें मुंबई को “नष्ट” करने की कोशिश कर रही हैं।
मुंबई मराठी मानुष से छीनी नहीं जा सकती
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि आपसी कलह शहीदों का अपमान होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुंबई को मराठी मानुष से कोई नहीं छीन सकता। भाजपा के नारे “बटेंगे तो कटेंगे” का जिक्र करते हुए उन्होंने मराठी समाज से एकजुट रहने की अपील की।
ठाकरे विरासत की याद
उद्धव ठाकरे ने अपने दादा प्रबोधनकर ठाकरे और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लिए संघर्ष की नींव उनके पूर्वजों ने रखी थी और शिवसेना की स्थापना को अब 60 साल पूरे हो चुके हैं।
राज ठाकरे का ऐलान—मुंबई का मेयर मराठी होगा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र किसी भी व्यक्तिगत मतभेद से बड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में घोषणा की,
“हमारा गठबंधन बन चुका है। मुंबई का मेयर मराठी होगा और हमारा ही होगा।”
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र लंबे समय से जिस पल का इंतजार कर रहा था, आज उसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।