कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के सांसद जॉन ब्रिटास ने संसद के शीतकालीन सत्र के समापन के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं के साथ चाय पार्टी में शामिल होने पर नाराज़गी जताई है। ब्रिटास ने कहा कि इस कदम से देश की जनता के बीच गलत संदेश गया है।
‘गलत समय पर गलत संकेत’
जॉन ब्रिटास का कहना है कि जिस समय भाजपा सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (एमजीएनआरईजीए) को कमजोर करने के आरोप लग रहे हैं, उसके कुछ ही घंटों बाद प्रियंका गांधी का प्रधानमंत्री के साथ चाय पीना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके मुताबिक, इससे यह संकेत जाता है कि गंभीर जनहित मुद्दों के बावजूद राजनीतिक सौहार्द को प्राथमिकता दी जा रही है।
INDIA गठबंधन की एकता पर सवाल
सीपीआई(एम) सांसद ने कहा कि यह कदम INDIA गठबंधन की एकता के लिए भी नुकसानदेह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस तरह के सौहार्द्रपूर्ण कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखती रही है, खासकर तब जब सरकार संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा से बचती रही हो।
पिछले उदाहरणों का दिया हवाला
एएनआई से बातचीत में ब्रिटास ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले भी ऐसे कार्यक्रमों का बहिष्कार किया है। उन्होंने मानसून सत्र के दौरान एसआईआर पर चर्चा न होने और वक्फ विधेयक को जबरन पारित किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि तब भी सीपीआई(एम) ने चाय पार्टियों से दूरी बनाई थी।
‘तमाशा बन गया संदेश’
ब्रिटास ने आगे कहा कि प्रियंका गांधी का प्रधानमंत्री के साथ चाय पीना एक तरह का तमाशा बन गया। उनके अनुसार, यह न सिर्फ दुखद था बल्कि इससे गरीबों और विपक्षी एकता को लेकर देश में गलत संदेश गया।
लोकसभा अध्यक्ष की चाय पार्टी में शामिल हुईं प्रियंका
गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के समापन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा आयोजित चाय पार्टी में प्रियंका गांधी शामिल हुई थीं। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बगल में बैठी नजर आईं, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।