उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। कड़ाके की सर्दी के साथ घने कोहरे ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण राजमार्गों पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है और कई जगहों पर भीषण सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। जहां दिल्ली स्मॉग से जूझ रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
ताजमहल घने कोहरे में धुंधला
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में घने कोहरे और बढ़ती ठंड के कारण दृश्यता में भारी गिरावट दर्ज की गई। आगरा में ताजमहल जैसे ऐतिहासिक स्थल भी कोहरे की चादर में ढके रहे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह कई घंटों तक ताजमहल दिखाई नहीं दिया, जिससे पर्यटकों को निराशा हाथ लगी। दोपहर में कोहरा कुछ हद तक छंटा, तब जाकर स्मारक की आकृति साफ नजर आई।
अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या घटी
भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी खराब मौसम का असर देखने को मिला। सुबह के समय ठंड और कोहरे के कारण मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। मंदिर कर्मचारियों ने बताया कि मौसम की वजह से तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
लखनऊ में उड़ानें और यातायात प्रभावित
राज्य की राजधानी लखनऊ में भी मौसम के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। लखनऊ हवाई अड्डे से कई उड़ानें देरी से चलीं, जबकि सड़कों पर यातायात की रफ्तार काफी धीमी रही। लोगों ने बताया कि कई इलाकों में दृश्यता 100 मीटर से भी कम थी और वाहन 30 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से नहीं चल पा रहे थे।
प्रयागराज, कौशांबी और बरेली में हालात
प्रयागराज से सटे कौशांबी जिले में घने कोहरे के कारण स्थानीय सड़कों और राजमार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। बरेली सहित कई जिलों में यात्रियों को कम दृश्यता की वजह से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अलाव के सहारे गुजर रही सर्द रातें
प्रयागराज और वाराणसी में ठंड से बचाव के लिए जगह-जगह अलाव जलाए गए। सुबह जल्दी काम शुरू करने वाले सफाईकर्मी अलाव के पास बैठकर खुद को गर्म करते दिखे। कई कर्मचारियों ने बताया कि अतिरिक्त कपड़े पहनकर और अलाव के सहारे ही वे अपना काम जारी रख पा रहे हैं।
ई-रिक्शा चालकों और पैदल यात्रियों की मुश्किलें
प्रयागराज के ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि सुबह के समय दृश्यता इतनी कम थी कि आगे चल रहे वाहन मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। कई चालकों को पार्किंग लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से वाहन चलाना पड़ा। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने भी माना कि कोहरे के कारण परेशानी तो हुई, लेकिन मौसम साफ होने पर हल्की ठंड ने सुकून भी दिया।
स्कूल और दफ्तर जाने वाले प्रभावित
इटावा समेत अन्य जिलों में कोहरे का असर स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों पर पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्कूल और कार्यालयों के समय में कुछ ढील दी जाए, तो लोगों को राहत मिल सकती है।
सड़क हादसों में 25 की मौत
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य भर में कोहरे के कारण पांच बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 25 लोगों की जान चली गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। मथुरा, बस्ती, बाराबंकी, मेरठ और उन्नाव जिलों में ये हादसे हुए, जिनमें सबसे ज्यादा मौतें मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर कई वाहनों की टक्कर से हुईं।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि मंगलवार को उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में बुधवार सुबह तक कम दृश्यता बनी रह सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।