असम सरकार ने दो बच्चों की नीति में बदलाव करते हुए एससी, एसटी, चाय बागान, मोरन और मटक समुदायों को इस नियम से छूट दे दी है। नई अधिसूचना के अनुसार, इन समुदायों के परिवार अब तीन बच्चों तक के साथ भी सरकारी नौकरी, चुनाव लड़ने और स्वयं सहायता समूह (SHG) प्रोत्साहन योजनाओं के पात्र बने रहेंगे।
नया संशोधन तुरंत लागू
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि चुने गए समुदायों के लिए दो-बच्चा शर्त को शिथिल करते हुए इसे तीन बच्चों तक बढ़ा दिया गया है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
कैबिनेट निर्णय के बाद अधिसूचना जारी
23 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर किया गया था। शुक्रवार को इसे लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम इन समुदायों की आबादी और संस्कृति को बचाने के लिए आवश्यक है।
उनका वक्तव्य —
“यदि यह नीति सख्ती से लागू रही तो आने वाले 50 सालों में इनकी पहचान खत्म हो सकती है।”
नीति का पृष्ठभूमि
असम में दो-बच्चा नीति 2019 के नियमों के तहत जनवरी 2021 से लागू है। नया संशोधन उसी नीति में समुदाय-विशेष के लिए राहत देता है।