प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के उडुपी स्थित श्री कृष्ण मठ में आयोजित लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में देशवासियों को संबोधित करते हुए नए भारत की शक्ति, सुरक्षा और आध्यात्मिक विरासत पर जोर दिया।
नए भारत की सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब किसी भी चुनौती के सामने झुकने वाला देश नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“हमारा सुदर्शन चक्र दुश्मनों का संहार कर देगा। ऑपरेशन सिंदूर में यह दुनिया ने देखा है।”
मोदी ने पुरानी सरकारों पर आरोप लगाया कि पहले आतंकवादी हमलों के बाद कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन नया भारत हर हमले का जवाब देता है।
गीता भूमि से आध्यात्मिक जुड़ाव
मोदी ने कहा कि तीन दिन पहले वह कुरुक्षेत्र में थे और अब उडुपी में भगवान कृष्ण की कृपा प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1 लाख लोगों द्वारा एक साथ भगवद्गीता का पाठ भारत की हजारों वर्षों की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है।
उडुपी आने को उन्होंने हमेशा विशेष अनुभव बताया।
उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के उस विग्रह का उल्लेख किया जिसकी पूजा पहले द्वारका में माता रुक्मिणी करती थीं और जिसे बाद में माधवाचार्य जी ने उडुपी में स्थापित किया।
उडुपी और मोदी का ऐतिहासिक जुड़ाव
मोदी ने कहा कि गुजरात और उडुपी के बीच विशेष आध्यात्मिक संबंध हैं।
उन्होंने बताया कि द्वारका में समुद्र के अंदर श्री कृष्ण के प्राचीन मंदिर के दर्शन के बाद उडुपी के दर्शन ने उन्हें आध्यात्मिक आनंद दिया।
उडुपी: सुशासन मॉडल की भूमि
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि 1968 में उडुपी ने जनसंघ के वी. एस. आचार्य को नगर पालिका में जीत दिलाकर सुशासन मॉडल की नींव रखी थी।
उन्होंने कहा कि आज जिस स्वच्छता अभियान को देशव्यापी रूप मिला है, उसे उडुपी ने 50 वर्ष पहले अपनाया था।
गीता के श्लोकों की अद्भुत शक्ति
मोदी ने कहा कि मंत्रों और गीता के श्लोकों का पाठ सदियों से हो रहा है, लेकिन
जब 1 लाख लोग एक स्वर में गीता का पाठ करते हैं, तो उससे एक ऐसी ऊर्जा उत्पन्न होती है जो मन और मस्तिष्क को नई शक्ति देती है।
उन्होंने रामचरितमानस का उल्लेख करते हुए कहा—
“कलियुग में हरि-गुण गाना ही परम साधन है।”
राष्ट्र सुरक्षा में भारतीय दर्शन का योगदान
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत की सुरक्षा नीति वसुधैव कुटुंबकम और धर्मो रक्षति रक्षितः— दोनों सिद्धांतों पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि लाल किले से
श्री कृष्ण की करुणा का संदेश भी दिया जाता है
और मिशन सुदर्शन चक्र जैसी सुरक्षा रणनीतियाँ भी घोषित की जाती हैं
मोदी ने कहा कि गीता ने हमें सिखाया है कि
शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारियों का अंत करना आवश्यक है।