केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा केईएएम 2025 प्रवेश परीक्षा विवरणिका में अंतिम समय में किए गए बदलाव को “अवैध, मनमाना और अनुचित” करार देते हुए बुधवार को उसे रद्द कर दिया।
छात्रों की याचिका पर आया फैसला
यह फैसला सीबीएसई बोर्ड के छात्रों के एक समूह द्वारा दायर याचिका पर आया, जिन्होंने आरोप लगाया था कि रैंक सूची प्रकाशित होने से एक घंटे पहले विवरणिका में बदलाव कर अंतिम अंकों की गणना की पद्धति बदल दी गई। अदालत ने कहा कि बदलाव का समय संदिग्ध प्रतीत होता है।
न्यायालय ने दिया पुरानी प्रणाली से रैंक सूची जारी करने का आदेश
न्यायमूर्ति डी.के. सिंह ने अपने आदेश में कहा कि परीक्षा के बाद इस प्रकार की फेरबदल पूरी तरह से अवैध और अनुचित है। उन्होंने आदेश दिया कि 19 फरवरी, 2025 को जारी की गई विवरणिका के अनुसार ही रैंक सूची पुनः प्रकाशित की जाए।
सरकार ने खंडपीठ में दायर की अपील
राज्य सरकार ने एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए खंडपीठ के समक्ष अपील दायर की है, जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की संभावना है।
कोर्ट का संकेत: रैंक सुधारने के लिए किया गया बदलाव
अदालत ने यह भी कहा कि प्रथमदृष्टया ऐसा लगता है कि किसी ने परिणाम देखकर यह पाया कि केरल स्ट्रीम के छात्र अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके, और चुनावी या सामाजिक दबाव के कारण रैंकिंग फॉर्मूला को एक घंटे पहले जानबूझकर बदला गया, जो बेहद दुर्भावनापूर्ण निर्णय है।