शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए।
कार्रवाई में 80 से ज्यादा आतंकवादी ढेर हुए।
निशाने पर थे जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रशिक्षण शिविर।
पहलगाम नरसंहार का बदला: 26 नागरिकों की हत्या पर कड़ा जवाब
यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले की प्रतिक्रिया था जिसमें 26 निर्दोष लोगों, जिनमें महिलाएं और एक नौसेना अधिकारी भी शामिल थे, की हत्या की गई थी।
7 मई की रात चला ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन की शुरुआत 7 मई को रात 1:44 बजे हुई।
रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह अभियान नपी-तुली, केंद्रित और टकराव टालने की नीति के तहत चलाया गया।
किसी पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया।
बहावलपुर और मुरीदके: आतंक के अड्डों पर सबसे बड़ा वार
बहावलपुर (जैश का मुख्यालय) और
मुरीदके (लश्कर का वैचारिक केंद्र)
को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया।
इन हमलों में हर स्थान पर 25–30 आतंकी मारे गए।
सिंदूर नाम का प्रतीकात्मक महत्व
“ऑपरेशन सिंदूर” नाम भारतीय संस्कृति में विवाहित महिलाओं के सिंदूर का प्रतीक है।
पहलगाम हमले में कई महिलाओं ने अपने पतियों को खोया।
यह नाम भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक प्रतिशोध का प्रतीक बना।
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन की निगरानी की
पीएम मोदी ने ऑपरेशन की व्यक्तिगत निगरानी की।
29 अप्रैल को हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में सशस्त्र बलों को पूर्ण छूट दी गई थी।
भारत का वैश्विक कूटनीतिक कदम
भारत ने अमेरिका, रूस, यूएई, ब्रिटेन और सऊदी अरब सहित प्रमुख देशों को ऑपरेशन की जानकारी दी।
सैन्य कार्रवाई के बाद सभी एयर डिफेंस यूनिट्स को अलर्ट पर रखा गया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: भड़काऊ बयानबाज़ी और धमकी
पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे “युद्ध की कार्रवाई” कहा।
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि भारतीय वायुसेना ने “कायरतापूर्ण हमला” किया।
पाक विदेश मंत्रालय ने संप्रभुता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए “उचित जवाब” की धमकी दी।
भारतीय सेना का संदेश: “न्याय हुआ”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा – “भारत माता की जय।”
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट संदेश दिया – “न्याय हुआ।”