चुनाव से पहले, केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा कथित तौर पर भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (IIMR) और बीज उत्पादन केंद्र को बिहार से कर्नाटक स्थानांतरित करने के फैसले को लेकर राज्य में सियासत तेज हो गई है। इस कदम को लेकर विपक्ष ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं।
तेजस्वी यादव का वार
राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यदि बिहार के सीएम को इस कदम की जानकारी थी, तो उन्होंने पीएम और कृषि मंत्री से चर्चा क्यों नहीं की? तेजस्वी ने कहा कि एनडीए सरकार बिहार के पलायन को रोकने का इरादा नहीं रखती, बल्कि उसे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार को ‘पैर पकड़वा मुख्यमंत्री’ की जरूरत नहीं है, बल्कि ऐसे निडर और दूरदृष्टि वाले मुख्यमंत्री की आवश्यकता है जो राज्य को आगे बढ़ा सके।
विपक्षी आरोप और प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव के इन बयान पर गिरिराज सिंह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से इस कदम का कोई विरोध नहीं किया गया। विपक्ष के बयान के अनुसार, राजनीतिक लाभ के लिए अफवाहें फैलाना इस मुद्दे का मुख्य उद्देश्य है।
गिरिराज सिंह का खंडन और स्पष्टीकरण
केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने मंगलवार को उन दावों का खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय IIMR और बीज उत्पादन केंद्र को कर्नाटक के शिवमोगा में स्थानांतरित करने की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ विस्तृत टेलीफोन वार्तालाप में आश्वासन मिला था कि देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र ऐसा कदम नहीं उठाएगा।