प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के “विकसित भारत” विजन को अमेरिका के “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” (MAGA) नारे से जोड़ते हुए “मेक इंडिया ग्रेट अगेन” (MIGA) का नया समीकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत और अमेरिका ने दोनों देशों की समृद्धि के लिए “मेगा” साझेदारी बनाई है। पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप अक्सर MAGA की बात करते हैं। भारत में हम विकसित भारत की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसे अमेरिकी संदर्भ में MIGA कह सकते हैं। भारत और अमेरिका के पास समृद्धि के लिए एक MEGA साझेदारी है!”
2030 तक 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार लक्ष्य
इस अवसर पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। पीएम मोदी ने कहा,
“आज, हमने अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जो 2030 तक 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचेगा। हमारी टीमें जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर काम करेंगी।”
दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
भारत की ऊर्जा और रक्षा क्षमताओं को मिलेगा बढ़ावा
पीएम मोदी ने अमेरिका के साथ तेल और गैस समझौतों को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम बताया। उन्होंने परमाणु ऊर्जा सहयोग और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा,
“भारत की रक्षा तैयारियों में अमेरिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। आने वाले दिनों में नई तकनीक और उपकरण हमारी क्षमता को बढ़ाएँगे।”
जल्द होगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
प्रधानमंत्री मोदी ने पुष्टि की कि दोनों देश एक समग्र व्यापार समझौते की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“हम जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।”
अमेरिकी टैरिफ और पीएम मोदी की ट्रंप व एलन मस्क से मुलाकात
पीएम मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति ट्रंप और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ट्रंप ने भारत समेत सभी देशों पर पारस्परिक टैरिफ लागू करने की घोषणा की थी।
पीएम मोदी की यह यात्रा ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक अमेरिका यात्रा थी। यह भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में नए अध्याय की शुरुआत को दर्शाती है, जिसमें व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।