प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा के बाद अमेरिका पहुंचे, लेकिन उनके विमान के लैंड करने से पहले एक अहम वैश्विक घटनाक्रम हुआ। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के करीबी मित्र, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को फोन किया।
भारतीय समयानुसार रात करीब 10:30 बजे, ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट आया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने पुतिन से लंबी और उपयोगी बातचीत की है। ट्रंप ने कहा, “मैंने अभी-अभी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ काफी लंबी और उपयोगी बातचीत की।”
यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप और पुतिन की सहमति
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने और पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई। इसके तहत, वे जल्द ही यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से संपर्क करेंगे और वार्ता की पूरी जानकारी देंगे।
क्रेमलिन ने भी इस बातचीत की पुष्टि की और कहा कि पुतिन, ट्रंप से मिलने के लिए तैयार हैं और उन्हें रूस आने का न्योता दिया गया है। वहीं, जेलेंस्की के दफ्तर ने भी कहा कि उनकी ट्रंप से करीब एक घंटे तक चर्चा हुई।
इससे पहले, रूस ने अमेरिका के एक इतिहास शिक्षक मार्क फोगेल को रिहा कर दिया, जिसके बदले अमेरिका ने भी एक रूसी नागरिक को छोड़ा।
अमेरिका ने यूक्रेन को दिया झटका
ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन को बड़ा झटका देते हुए ऐलान किया कि अमेरिका अब पहले की तरह उसे भारी आर्थिक और सैन्य सहायता नहीं देगा। बेल्जियम स्थित नाटो मुख्यालय में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट कर दिया कि ट्रंप यूक्रेन की नाटो सदस्यता का समर्थन नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि यथार्थवादी शांति योजना के तहत यूक्रेन के लिए 2014 से पहले की सीमाओं पर लौटना संभव नहीं है और अमेरिका किसी भी शांति समझौते के लिए यूक्रेन में अपने सैनिक नहीं भेजेगा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी सुरक्षा गारंटी की मांग की थी, लेकिन अमेरिका के इस रुख के बाद यूक्रेन को एक नया संकट झेलना पड़ सकता है।