भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पर सरकार का समर्थन किया है। यह पार्टी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की है। जेडीयू सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 का समर्थन करते हुए कहा कि इससे वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता आएगी। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक मस्जिद या मंदिर के बारे में नहीं है, बल्कि एक संस्था में पारदर्शिता लाने का प्रयास है।
ललन सिंह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बिल मुसलमान विरोधी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक मंदिरों से संबंधित नहीं है। उनका कहना था कि कोई भी संस्था जब निरंकुश होती है तो सरकार उस पर अंकुश लगाने के लिए, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाती है, और यह उसका अधिकार है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पारदर्शिता होनी चाहिए और यह बिल इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए है। कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने पूछा कि सिखों के कत्लेआम का जिम्मेदार कौन था।
ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष विधेयक की तुलना मंदिरों से कर रहा है और मुख्य मुद्दे से भटका रहा है। उन्होंने केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस) से सवाल किया कि हजारों सिख कैसे मारे गए और किस टैक्सी ड्राइवर ने इंदिरा गांधी को मारा? अब विपक्ष अल्पसंख्यकों की बात कर रहा है।
वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995 करने का प्रस्ताव है। विधेयक का उद्देश्य वक्फ बोर्डों की शक्तियों में सुधार करना और मुस्लिम महिलाओं तथा गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसमें बोहरा और अगाखानियों के लिए अलग वक्फ बोर्ड की स्थापना का भी प्रस्ताव है। मसौदा कानून में शिया, सुन्नी, बोहरा, अगाखानियों और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का प्रावधान भी किया गया है।